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Bihar Weather: मानसून हुआ सक्रिय, 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; 40 KM की रफ्तार से आंधी और बिजली का खतरा

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में मानसून सक्रिय है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में ऑरेंज अलर्ट, जबकि 7 जिलों में येलो अलर्ट जारी है।

पटना, 05 सितंबर। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि मौसम विभाग ने शनिवार को कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली और समस्तीपुर में येलो अलर्ट दिया गया है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। बारिश के साथ तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

चंपारण से सारण तक भारी बारिश का खतरा

ऑरेंज अलर्ट वाले पांच जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में कहीं तेज तो कहीं बहुत तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इन इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार खराब मौसम के दौरान करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। ऐसे में खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के आसपास रहने से बचने की जरूरत है।

उत्तर बिहार के 7 जिलों में येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के सात जिलों को भी येलो अलर्ट के दायरे में रखा है। इनमें सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली और समस्तीपुर शामिल हैं।

इन जिलों में भी बारिश और मेघगर्जन की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर अचानक तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम के इस बदलाव के कारण लोगों को स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

बिजली गिरने का खतरा, आंधी से भी सतर्क रहने की जरूरत

बारिश के साथ सबसे बड़ी चिंता आकाशीय बिजली को लेकर है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खेत, खुले मैदान या अन्य खुले स्थानों पर मौजूद लोगों के लिए बिजली गिरने का खतरा अधिक रहता है।

तेज हवा के दौरान पेड़, बिजली के खंभे, होर्डिंग और कमजोर ढांचे भी जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसलिए खराब मौसम के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना बेहतर होगा।

9 सितंबर तक बना रह सकता है बारिश का दौर

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बिहार में 9 सितंबर तक मौसम में सक्रियता बनी रहने की संभावना है। इस दौरान अलग-अलग जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि बारिश का वितरण एक समान नहीं होगा। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि आसपास के इलाकों में केवल बादल और उमस का असर दिखाई दे सकता है।

उमस के बाद अचानक बन रहे बारिश वाले बादल

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक वातावरण में नमी अधिक रहने और दिन के समय तापमान बढ़ने के कारण स्थानीय स्तर पर बादल तेजी से विकसित हो रहे हैं। यही वजह है कि एक ही जिले के कुछ हिस्सों में तेज बारिश देखने को मिल रही है, जबकि कुछ किलोमीटर दूर दूसरे इलाकों में सिर्फ बादल या उमस बनी रहती है।

इस तरह की स्थानीय मौसम प्रणाली के कारण बारिश का अनुमान क्षेत्रवार अलग-अलग दिखाई देता है। लोगों को केवल अपने जिले के बजाय आसपास के मौसम में होने वाले बदलाव पर भी ध्यान देना जरूरी है।

पटना में धूप के साथ उमस, बारिश की भी संभावना

राजधानी पटना में शनिवार की शुरुआत धूप से होने की संभावना है। धूप निकलने के कारण दिन में उमस परेशान कर सकती है। हालांकि बाद में आसमान में बादल छाने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

पिछले 24 घंटे के दौरान पटना में करीब 22 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद राजधानी में उमस से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना कम है।

इन जिलों में दर्ज हुई अधिक बारिश

पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:

अररिया: 51 मिमी

नालंदा: 50 मिमी

कटिहार: 41 मिमी

गोपालगंज: 36 मिमी

पटना: 22 मिमी

बारिश के इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य में बारिश का वितरण अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहा है।

बाढ़ की स्थिति ने बढ़ाई चिंता

बिहार में बारिश के साथ बाढ़ की स्थिति भी चुनौती बनी हुई है। राज्य के करीब 16 जिलों में बाढ़ का असर बताया गया है और लगभग 5 लाख लोग प्रभावित हैं।

गंगा समेत राज्य की कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि बनी हुई है। बताया गया है कि करीब 8 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राजधानी पटना में भी गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बारिश का नया दौर शुरू होने से पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन के सामने चुनौती और बढ़ सकती है। नदियों के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखना जरूरी होगा।

बारिश की कमी के बावजूद कई इलाकों में अब तेज बारिश

मानसून के सक्रिय होने के बावजूद पूरे राज्य के स्तर पर बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से पीछे है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि तक बिहार में करीब 803.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, जबकि वास्तविक बारिश लगभग 517.9 मिलीमीटर दर्ज की गई है।

इस हिसाब से राज्य में बारिश सामान्य से करीब 36 प्रतिशत कम है। यानी कुछ जिलों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बनने के बावजूद पूरे राज्य में मानसूनी बारिश का वितरण संतुलित नहीं रहा है।

यही असमानता बिहार के मौसम की मौजूदा तस्वीर को जटिल बनाती है। एक तरफ कुछ जिलों में कम बारिश की वजह से सामान्य से नीचे वर्षा का आंकड़ा बना हुआ है, तो दूसरी तरफ नदियों के बढ़ते जलस्तर और स्थानीय स्तर पर तेज बारिश से बाढ़ का खतरा कायम है।

किसानों के लिए बारिश राहत भी, चुनौती भी

मानसून की सक्रियता खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण है। जिन इलाकों में बारिश की कमी रही है, वहां अच्छी बारिश से फसलों को फायदा मिल सकता है। लेकिन बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में जलजमाव की समस्या भी पैदा हो सकती है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों के लिए स्थिति और मुश्किल हो सकती है। इसलिए बारिश के साथ जलनिकासी और नदी के जलस्तर पर नजर रखना भी जरूरी है।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को आकाशीय बिजली और तेज हवा के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए।

तेज आंधी के दौरान घर के अंदर रहना सुरक्षित विकल्प है। वाहन चालकों को भी बारिश के समय सड़क पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि तेज बारिश से दृश्यता कम हो सकती है और कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति बन सकती है।

मौसम का बदला मिजाज प्रशासन के लिए भी चुनौती

बिहार में एक साथ बारिश, आंधी, बिजली और बाढ़ का खतरा प्रशासन के लिए भी चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा करता है। खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा।

आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और नदियों के जलस्तर पर नजर रखना बेहद जरूरी रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 9 सितंबर तक बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

फिलहाल बिहार में मानसून सक्रिय है और शनिवार को पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट तथा सात जिलों में येलो अलर्ट ने मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। बारिश के साथ तेज हवा और आकाशीय बिजली का खतरा देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं, पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में बारिश का नया दौर स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना सकता है।

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